RBI का बड़ा एक्शन : नियम तोड़ने पर 35 NBFCs का लाइसेंस रद्द, निवेशकों में मचा हड़कंप

RBI का बड़ा एक्शन : नियम तोड़ने पर 35 NBFCs का लाइसेंस रद्द, निवेशकों में मचा हड़कंप

RBI ने 35 NBFCs का पंजीकरण रद्द किया – पूरी जानकारी

          भारतीय वित्तीय प्रणाली में NBFCs (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज़) का महत्वपूर्ण स्थान है। बैंकों के अतिरिक्त ये कंपनियाँ भी लोगों और व्यवसायों को ऋण, निवेश, लीज़िंग और वित्तीय सहायता प्रदान करती हैं। लेकिन इन संस्थाओं को RBI द्वारा जारी “Certificate of Registration (CoR)” प्राप्त करना आवश्यक होता है ताकि वे कानूनी रूप से NBFC के रूप में कार्य कर सकें।

क्या हुआ? RBI ने 35 NBFCs के CoR रद्द किए

जनवरी 2026 में भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 35 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) के Certificate of Registration (CoR) को रद्द कर दिया है। इसका मतलब यह है कि इन 35 कंपनियों को अब आरबीआई के अंतर्गत NBFC के रूप में संचालन करने की अनुमति नहीं रहेगी

ये आदेश धारा 45-IA(6) of the RBI Act, 1934 के अंतर्गत जारी किए गए और क्रमबद्ध रूप से 9 दिसंबर से 31 दिसंबर 2025 के बीच लागू किए गए।

📌 यह कार्रवाई क्यों हुई?

RBI ने ये पंजीकरण रद्द इसलिए किया क्योंकि :

1. नियामक आवश्यकताओं का पालन नहीं

इन सभी NBFCs ने वे कानूनी और नियामक मानदंड पूरे नहीं किए, जिनके आधार पर उन्हें RBI से पंजीकरण मिला था। ये नियम वित्तीय सुरक्षा, रिपोर्टिंग, पूंजी पर्याप्तता, शासन, लेखा-जोखा और ग्राहक संरक्षण से जुड़े हैं।

2. संचालन बंद या न्यून हो गया

कुछ कंपनियों ने पहले ही अपना NBFC व्यवसाय बंद कर दिया था या कानूनी रूप से अपना संचालन नहीं जारी रखा था, जिससे उनकी पंजीकरण शर्तें स्वतः ही समाप्त हो गईं।

3. प्रावधानों का उल्लंघन

कुछ मामलों में कंपनियों ने RBI के निर्देशों, वित्तीय नियमों या जांच की मांगों का पालन नहीं किया – जैसे रिपोर्टिंग न करना, पूंजी में कमी, अनुचित वित्तीय व्यवहार आदि।

कुल मिलाकर RBI ने यह निर्णय केंद्रीय बैंक की कड़ी निगरानी और निगरानी शक्तियों के तहत लिया है ताकि NBFC क्षेत्र अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और ग्राहकों के हित में काम करे।

📋 कहां और कैसे लागू हुआ?

      यह निर्णय कुल चार अलग-अलग तारीखों में जारी आदेशों के रूप में लागू हुआ :

  • 09 दिसंबर 2025

  • 19 दिसंबर 2025

  • 23 दिसंबर 2025

  • 31 दिसंबर 2025

📍 भौगोलिक दृष्टिकोण

इन 35 कंपनियों में से अधिकांश दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र की थीं, जबकि कुछ कंपनियाँ महाराष्ट्र (मुंबई) और मध्य प्रदेश (जबलपुर) स्थित थीं।


📌 इन कंपनियों पर क्या असर पड़ेगा?

1. NBFC के रूप में व्यवसाय बंद

      अब ये कंपनियाँ RBI के तहत Non-Banking Financial Institution (NBFI) के रूप में कोई भी व्यवसाय नहीं कर सकतीं। इसका अर्थ है कि वे :

  • ऋण नहीं दे सकतीं

  • निवेश सेवाएँ नहीं दे सकतीं

  • कोई वित्तीय मध्यस्थता गतिविधि नहीं कर सकतीं

आदि नहीं कर सकतीं जब तक कि वे पुनः पंजीकरण प्राप्त न करें।

2. दंड या कानूनी कार्रवाई

अगर कोई कंपनी पंजीकरण रद्द होने के बाद भी NBFC के रूप में काम करती है, तो RBI उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर सकता है – जैसे जुर्माना या अन्य प्रतिबंध।

📉 3. विश्वास और प्रतिष्ठा पर प्रभाव

पंजीकरण रद्द होने से इन कंपनियों की प्रतिष्ठा और भरोसेमंदता पर प्रत्यक्ष असर पड़ सकता है, जिससे निवेशकों और ग्राहकों का विश्वास कम हो सकता है।


🤝 साथ ही 16 NBFCs ने स्वैच्छिक लाइसेंस सरेंडर किया

RBI ने 35 का पंजीकरण रद्द करने के अलावा 16 अन्य NBFCs के स्वेच्छा से सरेंडर किए गए लाइसेंस को भी स्वीकार किया है। इसका मतलब है कि ये 16 कंपनियाँ खुद ही RBI के नियमन से बाहर आना चाहती थीं, या अपने कारोबार को बदल रही थीं।

इस तरह कुल 51 कंपनियाँ ने RBI की NBFC लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क से बाहर होने का निर्णय लिया या उन पर यह निर्णय लागू हुआ।


📌 RBI की कार्रवाई का बड़ा संकेत

      यह कदम केवल 35 कंपनियों की पंजीकरण रद्द करना भर नहीं है, बल्कि यह RBI की एक स्पष्ट नीति संकेत है कि :

🔹 NBFC क्षेत्र में नियमन और सख्ती बढ़ी है

      RBI अब उन संस्थाओं पर ध्यान दे रहा है जो नियमों का पालन नहीं करतीं – चाहे वे बड़ी हों या छोटी।

🔹 ग्राहकों और निवेशकों की सुरक्षा सर्वोच्च

       RBI का उद्देश्य वित्तीय बाजार की स्थिरता तथा उपभोक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। नियमों का पालन न करने वाली संस्थाओं को अब नहीं छूट दी जाएगी।


📌 NBFCs के लिए मुख्य सीख

  1. निरंतर अनुपालन जरूरी
    सभी NBFCs को RBI द्वारा जारी नियम, रिपोर्टिंग, पूंजी मानक आदि का निरंतर पालन करना चाहिए।

  2. आडिट और रिपोर्टिंग पर फोकस
    समय-समय पर ऑडिट, वित्तीय रिपोर्ट और आवश्यक रिपोर्ट RBI को सटीक समय पर भेजना नियमों का एक मूलभूत हिस्सा है।

  3. गलत गतिविधियों से बचें
    पूंजी में कमी, प्रतिबंधित लेन-देनों या गलत रिपोर्टिंग करने से बचना अनिवार्य है।

RBI द्वारा 35 NBFCs के Certificate of Registration को रद्द करना नियमक अनुपालन के प्रति सख्ती, ग्राहक संरक्षण और वित्तीय पारदर्शिता को बढ़ावा देने वाला कदम है। यह कदम NBFC क्षेत्र में नियमों का पालन न करने वाली संस्थाओं के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी है कि वे अपने व्यवसायिक संचालन में नियमों एवं दिशानिर्देशों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

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