यूक्रेन का बड़ा ड्रोन अटैक : रूस के 3 एयर डिफेंस सिस्टम तबाह, $75 मिलियन का नुकसान

India Big Time

Add Your Heading Text Hereयूक्रेन का बड़ा ड्रोन अटैक : रूस के 3 एयर डिफेंस सिस्टम तबाह, $75 मिलियन का नुकसान

       यूक्रेन-रूस युद्ध एक बार फिर तेज़ होता दिखाई दे रहा है। गुरुवार रात यूक्रेनी सेना ने दावा किया कि उसने रूसी सेना की तीन अत्याधुनिक Tor एयर डिफेंस सिस्टम को नष्ट कर दिया। यह कार्रवाई यूक्रेन के दक्षिणी क्षेत्र Zaporizhzhia में की गई। सैन्य अधिकारियों के अनुसार इस हमले में खास किस्म के FPV-2 ड्रोन का इस्तेमाल हुआ, जिनमें लगभग 60 किलोग्राम वॉरहेड लगे थे। इस एक ऑपरेशन में रूस को अनुमानित 75 मिलियन डॉलर (करीब 600 करोड़ रुपये से अधिक) का नुकसान हुआ है।


ड्रोन हमले की रणनीति

       यूक्रेनी सेना पिछले कुछ महीनों से ड्रोन टेक्नोलॉजी पर ज़्यादा निर्भर होती जा रही है। FPV (First Person View) ड्रोन ऐसे ड्रोन होते हैं जिन्हें ऑपरेटर लाइव कैमरा फीड के ज़रिये नियंत्रित करता है। इस बार इस्तेमाल किए गए FPV-2 ड्रोन में भारी विस्फोटक सामग्री लगी थी, जिससे टारगेट पर सीधा और सटीक हमला संभव हो सका।

सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि Tor एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाना यूक्रेन के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम है, क्योंकि ये सिस्टम रूसी सेना के मिसाइल और ड्रोन हमलों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। इन्हें नष्ट करके यूक्रेन ने रूसी रक्षा कवच में एक बड़ी दरार पैदा कर दी है।

India Big Time

33वें असॉल्ट रेजिमेंट की कार्रवाई

      इसी दौरान यूक्रेन की 33वीं असॉल्ट रेजिमेंट ने यह भी दावा किया कि उसने रूसी सेना की एक बड़ी घुसपैठ को नाकाम कर दिया। यह घटना Dobropollia क्षेत्र में हुई, जहां रूसी सैनिकों ने अग्रिम मोर्चे पर आगे बढ़ने की कोशिश की थी।

रेजिमेंट के अधिकारियों के मुताबिक रूसी टुकड़ियों ने बख्तरबंद वाहनों और पैदल सेना के साथ हमला किया, लेकिन यूक्रेनी जवानों ने ड्रोन निगरानी और सटीक तोपखाने की मदद से उन्हें पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। इस टकराव में रूस को भारी नुकसान हुआ, हालांकि दोनों पक्षों ने हताहतों की संख्या का खुलासा नहीं किया।


Kherson और Donetsk में भी हमले

      यूक्रेनी ड्रोन यूनिट्स ने केवल Zaporizhzhia तक ही सीमित न रहकर अन्य मोर्चों पर भी हमले किए। अधिकारियों के अनुसार Kherson और Donetsk क्षेत्रों में भी रूसी एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया।

इन हमलों का मकसद रूसी सेना की वायु सुरक्षा क्षमताओं को कमजोर करना और भविष्य के बड़े ऑपरेशनों के लिए रास्ता साफ करना था। यूक्रेनी सेना का कहना है कि इन कार्रवाइयों से रूस की रक्षा लाइनें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।


Tor एयर डिफेंस सिस्टम क्यों अहम?

       Tor एयर डिफेंस सिस्टम रूस के सबसे भरोसेमंद शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म में से एक माना जाता है। इसका इस्तेमाल ड्रोन, हेलीकॉप्टर और कम दूरी की मिसाइलों को गिराने के लिए किया जाता है। एक Tor सिस्टम की कीमत कई मिलियन डॉलर होती है, इसलिए तीन सिस्टम का नष्ट होना रूस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

सैन्य विश्लेषकों का कहना है कि यूक्रेन द्वारा इन सिस्टम्स को निशाना बनाना यह दिखाता है कि उसके पास अब बेहतर खुफिया जानकारी और उन्नत ड्रोन तकनीक उपलब्ध है। इससे युद्ध के मैदान में संतुलन धीरे-धीरे बदलता नजर आ रहा है।


युद्ध की बदलती प्रकृति

       यूक्रेन-रूस युद्ध अब केवल टैंकों और तोपों की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि यह टेक्नोलॉजी और ड्रोन वॉरफेयर की जंग बन चुका है। सस्ते लेकिन घातक ड्रोन बड़े-बड़े हथियार प्रणालियों को नष्ट कर पा रहे हैं। इससे यह भी साबित हो रहा है कि आधुनिक युद्ध में पारंपरिक सैन्य ताकत के साथ-साथ तकनीकी बढ़त भी उतनी ही ज़रूरी है।

यूक्रेनी सेना ने सोशल मीडिया पर इन हमलों के वीडियो भी जारी किए हैं, जिनमें विस्फोट और टारगेट हिट होते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि रूस ने इन दावों पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।


अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

        इन घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़र बनी हुई है। पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को आधुनिक हथियार और ड्रोन तकनीक देने में मदद की है, जबकि रूस का आरोप है कि यूक्रेन को बाहरी समर्थन मिल रहा है। ऐसे हमलों से यह भी संकेत मिलता है कि युद्ध और लंबा खिंच सकता है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दोनों पक्षों को निर्णायक बढ़त नहीं मिलती, तब तक इस तरह के हमले और जवाबी हमले जारी रहेंगे। खासतौर पर रणनीतिक इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम का नष्ट होना भविष्य के हवाई हमलों को और आसान बना सकता है।


आगे क्या?

      यूक्रेनी सेना की इस सफलता को उसकी मनोवैज्ञानिक जीत के रूप में देखा जा रहा है। एक तरफ उसने महंगे रूसी हथियारों को नष्ट किया, तो दूसरी ओर अपने सैनिकों का मनोबल भी बढ़ाया। वहीं रूस के लिए यह चेतावनी है कि उसकी रक्षा व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि रूस इस नुकसान की भरपाई कैसे करता है और क्या वह अपनी रणनीति में बदलाव करता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस अपने एयर डिफेंस सिस्टम को और पीछे ले जा सकता है या उनकी सुरक्षा बढ़ा सकता है।

aporizhzhia में तीन Tor एयर डिफेंस सिस्टम का नष्ट होना और Dobropollia में रूसी घुसपैठ को रोकना यूक्रेनी सेना के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। Kherson और Donetsk में किए गए हमले यह दिखाते हैं कि यूक्रेन कई मोर्चों पर एक साथ दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।

यह घटना इस बात का संकेत है कि युद्ध अब तकनीकी और रणनीतिक रूप से और जटिल होता जा रहा है। ड्रोन आधारित हमले भविष्य की लड़ाइयों की दिशा तय कर सकते हैं। फिलहाल, इस ताज़ा घटनाक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यूक्रेन-रूस युद्ध अभी खत्म होने से बहुत दूर है और आने वाले समय में और भी बड़े सैन्य घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *